✍️ 16 जनवरी 2021 को भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कोविड-19 के विरुद्ध दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान की शुरुआत की है।
✍️ राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राममंदिर निर्माण हेतु पहला चंदा 5 लाख एक सौ ₹ दिया है।
✍️ दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दिल्ली सचिवालय में दिल्ली सरकार के "स्ट्रीट और परफॉर्मिंग आर्ट्स फेलोशिप कार्यक्रम" का शुभारंभ किया।
✍️ 15 जनवरी को सेना दिवस परेड में पहली बार ड्रोन अभियान का प्रदर्शन किया गया।
✍️ हाल ही में नेपाल के विदेश मंत्री प्रदीप कुमार ज्ञवाली भारत दौरे पर आए हुए हैं।
✍️ 15 जनवरी 2021 को नई संसद के निर्माण का कार्य शुरू हो गया है, जिसका शिलान्यास 10 दिसंबर को भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने किया था।
2022 के मानसून सत्र तक नया संसद तैयार होने की उम्मीद है, जिसे केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी परियोजना सेंट्रल विस्टा के तहत कराया जा रहा है।
इस परियोजना को पूरा करने की जिम्मेदारी टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को सौंपी गई है।
पूरी परियोजना में 971 करोड़ रुपए के खर्च का अनुमान है।
✍️ एनजीटी के अध्यक्ष- जस्टिस आदर्श कुमार गोयल
✍️ एनजीटी ने पर्यावरण और वन मंत्रालय को 3 महीने के अंदर प्लास्टिक कचरा प्रबंधन के लिए ईएपीआर(अंडर प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2016) को अंतिम रूप देने का निर्देश दिया है।
✍️ आईएमएफ यानी अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भारत के कृषि सुधारों को सही दिशा में उठाया कदम बताया है।
✍️ आईएमएफ की एमडी- क्रिस्टलीना जॉर्जिया
✍️ विश्व की सबसे बड़ी मेडल व सिक्कों की गैलरी पंजाब के पटियाला में खुलेगी।
इस प्रोजेक्ट पर ₹70 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
✍️ पूर्व केंद्रीय मंत्री और व्यापारी कमल मोरारका का निधन हो गया।
✍️ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पहली चालक रहित मेट्रो ट्रेन का उद्घाटन किया।
✍️ ट्रंप के प्रशासन ने श्यओमी को काली सूची में डाला।
✍️ नवंबर 2020 में अमेरिका द्वारा मुक्त आकाश समझौते से अलग होने के बाद अब रूस ने भी इससे अलग होने की घोषणा की है। अमेरिका इस समझौते में रूस द्वारा इसका दुरुपयोग किए जाने का आरोप लगाकर अलग हो गया ।
✍️ 16 जनवरी 2003 को कल्पना चावला अंतरिक्ष यात्रा के लिए रवाना हुई थी।
✍️ 16 जनवरी 1955 को राष्ट्रीय रक्षा अकादमी का उद्घाटन हुआ था।
✍️ हाल ही में ongoing Breakout economy में भारत का चौथा स्थान रहा है।
✍️ जीवाईके रेड्डी ने स्वदेशी रूप से एक माइक्रोकोपटर विकसित किया है।
✍️ पूर्व सैनिक दिवस- 14 जनवरी
✍️ मध्य प्रदेश और आंध्र प्रदेश के बाद तेलंगाना शहरी स्थानीय निकाय सुधार को लागू करने वाला तीसरा राज्य बन गया है।
✍️ इंटेल ने नए CEO के रूप में पैट गेलसिंजर को नियुक्ति किया गया है।
- इंटेल की स्थापना:- 18 जुलाई 1968
- इंटेल का मुख्यालय:- सांता क्लारा, कैलिफोर्निया, संयुक्त राज्य
- इंटेल के संस्थापक:- गॉर्डन मूर और रॉबर्ट नॉयस
✍️ गुजरात सरकार ने करुणा अभियान 2021 शुरू किया है।
✍️ के पलानी को वार टाइम गैलंट्री अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है।
✍️ AIIMS, BHUVNESHWAR ने लगातार तीसरी बार कायाकल्प पुरस्कार जीता है।
✍️ सदर जापारोवा ने किर्गिस्तान देश के राष्ट्रपति के चुनाव जीता है।
✍️ नोमुरा ने वित्त वर्ष 2020-21 के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट -6.7% रहने का अनुमान लगाया है।
✍️ यूबीएस इन्वेस्टमेंट बैंक ने वित्त वर्ष 2020-21 के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट -7.5% रहने का अनुमान लगाया है।
✍️ इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर ( आइयूसीएन ) 2020 की रिपोर्ट के मुताबिक बीते वर्ष हमने पक्षियों की 31 प्रजातियों को खो दिया है । यह जैवविविधता पर मंडरा रहे खतरे को दर्शाता है ।
अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ के अनुसार पृथ्वी पर करीब 30 लाख प्रजातियां रहती है जिनमें से 80 प्रतिशत से अधिक जंगलों में निवास करती हैं , परंतु जंगलों की अंधाधुंध कटाई ( लगभग 1.3 करोड़ हेक्टेयर प्रतिवर्ष ) से लगभग 10 लाख प्रजातियों पर विलुप्त होने का खतरा मंडरा रहा है ।
द वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर द्वारा जारी 2020 लिविंग प्लैनेट रिपोर्ट के मुताबिक बीती आधी सदी में कशेरुकी प्रजातियों की जनसंख्या में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है । इस रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 1970 से 2016 के दौरान इन प्रजातियों की आबादी में लगभग 68 प्रतिशत कमी आई है । वहीं साल 1970 के बाद से मीठे जल में रहने वाली प्रजातियों की जनसंख्या में औसतन 84 प्रतिशत की कमी आई है । स्थलीय एवं समुद्री प्रजातियों की तुलना में इसमें काफी अधिक कमी आई है जिसका मुख्य कारण इंसानों द्वारा मीठे पानी का अत्यधिक दोहन को दर्शाता है । रिपोर्ट के मुताबिक मानव का इकोलॉजिकल फुटप्रिंट यानी जैविक संसाधनों की मानवीय खपत पृथ्वी की पुनरोत्पादन दर से कहीं अधिक है । मानव की जैव संसाधनों की खपत पृथ्वी के पुनरोत्पादन दर के मुकाबले 1.56 गुना ज्यादा है । इन सभी के साथ वैश्विक स्तर पर 1970 के बाद से अब तक आर्द्र भूमि में लगभग 87 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है । इतना ही नहीं , दुनिया के सबसे बड़े वर्षावन अमेजन में बीते पांच दशकों में लगभग 20 प्रतिशत वन क्षेत्र में कमी आई है । वर्ष 200 से 2014 के बीच दुनिया भर में लगभग 92 हजार वर्ग किमी वन क्षेत्र यानी पाकिस्तान के क्षेत्रफल जितने बड़े भूभाग से वनों का नाश हुआ है । समुद्रों में बढ़ते प्लास्टिक प्रदूषण ने कोरल रीफ को काफी नुकसान पहुंचाया है । इसके साथ ही समुद्र तटीय क्षेत्रों में मैंग्रोव वनों के क्षेत्रफल में बीते पांच दशकों में 50 प्रतिशत की कमी आई है । प्राकृतिक क्षेत्र को पहुंचाए जा रहे इस प्रकार के सभी नुकसान जैवविविधता के लिए व्यापक खतरा पैदा कर रहे हैं ।
लिविंग प्लैनेट रिपोर्ट 2020 के अनुसार भारत में भी जैवविविधता पर खतरा है । भारत एक जैवविविधता समृद्ध देश है जो विश्व के 2.4 प्रतिशत क्षेत्रफल के बावजूद विश्व की लगभग सात से आठ प्रतिशत यानी 45 हजार प्रजातियों का आश्रय स्थल है । रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 12 प्रतिशत से अधिक जंगली स्तनधारी प्रजातियों के विलुप्त होने का खतरा है । रिपोर्ट में कहा गया है कि मीठे पानी वाले जानवरों जैसे डॉल्फिन , कैटफिश इत्यादि के विलुप्त होने का ज्यादा खतरा है । भारत में लगभग तीन प्रतिशत पक्षियों की प्रजातियां विलुप्त होने के कगार पर हैं एवं इनकी संख्या साल दर साल बढ़ती जा रही है । भारत में लगभग 19 प्रतिशत से अधिक उभयचर गंभीर रूप से खतरे की श्रेणी में हैं । वहीं मधुमक्खियों की संख्या भी साल दर साल घटती जा रही हैं । ये सभी तथ्य भारत में जैव विविधता पर मंडराते खतरे को इंगित करते हैं ।
इंडियन स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट 2019 के मुताबिक भारत में जंगल का हिस्सा कुल भौगोलिक क्षेत्र का 21.67 फीसद है , जो समुचित प्राकृतिक संतुलन के हिसाब से कुल क्षेत्रफल का 33 फीसद होना चाहिए ।
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