आसियान (ASEAN) - दक्षिण पूर्वी एशियाई राष्ट्रों का संगठन (Association of Southeast Asian Nations)
स्थापना - 8 August 1967 में आसियान घोषणापत्र (बैंकॉक घोषणा) पर संस्थापक राष्ट्रों द्वारा हस्ताक्षर के साथ
आसियान दिवस - 8 अगस्त
आदर्श वाक्य - ‘वन विजन, वन आइडेंटिटी, वन कम्युनिटी’
सचिवालय - जकार्ता (इंडोनेशिया के राजधानी)
संस्थापक राष्ट्र - 5 देश [इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर और थाईलैंड ]
वर्तमान सदस्य - 10
✍️1997 में आसियान विजन 2020 को अपनाया गया।✍️2003 में आसियान समुदाय की स्थापना के लिये बाली कॉनकॉर्ड द्वितीय।
✍️2007 में सेबू घोषणा, 2015 तक आसियान समुदाय की स्थापना में तेजी लाने के लिये।
✍️15 दिसम्बर 2008 आसियान चार्टर जकार्ता में आसियान सचिवालय में सदस्य देशों की एक बैठक के बाद प्रभाव में आया ।
✍️2015 में आसियान समुदाय का शुभारंभ।
✍️आसियान समुदाय में तीन स्तंभ
- आसियान राजनीतिक-सुरक्षा समुदाय
- आसियान आर्थिक समुदाय
- आसियान सामाजिक-सांस्कृतिक समुदाय
✍️उद्देश्य
- दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के समृद्ध और शांतिपूर्ण समुदाय के लिये आर्थिक विकास, सामाजिक प्रगति तथा सांस्कृतिक विकास में तेजी लाने हेतु।
- न्याय और कानून के शासन के लिये सम्मान तथा संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों के पालन के माध्यम से क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को बढ़ावा देना।
- आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, तकनीकी, वैज्ञानिक और प्रशासनिक क्षेत्रों में सामान्य हित के मामलों पर सक्रिय सहयोग और पारस्परिक सहायता को बढ़ावा देना।
- कृषि और उद्योगों के अधिक उपयोग, व्यापार विस्तार, परिवहन और संचार सुविधाओं में सुधार और लोगों के जीवन स्तर सुधार में अधिक प्रभावी ढंग से सहयोग करने के लिये।
- दक्षिण पूर्व एशियाई अध्ययन को बढ़ावा देने के लिये।
- मौज़ूदा अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय संगठनों के साथ घनिष्ठ और लाभप्रद सहयोग बनाए रखने के लिये।
✍️तंत्र
- सदस्य देशों के अंग्रेजी नामों के वर्णानुक्रम के आधार पर आसियान की अध्यक्षता प्रतिवर्ष परिवर्तित होती है।
- आसियान शिखर सम्मेलन: आसियान की सर्वोच्च नीति बनाने वाली संस्था, शिखर सम्मेलन, आसियान की नीतियों और उद्देश्यों के लिये दिशा निर्धारित करती है। चार्टर के तहत शिखर सम्मेलन एक वर्ष में दो बार होता है।
- आसियान मंत्रालयिक परिषद: शिखर सम्मेलन को समर्थन देने के लिये चार महत्वपूर्ण नए मंत्रालयिक निकाय स्थापित किये गए हैं।
- आसियान समन्वय परिषद (एसीसी)
- आसियान राजनीतिक-सुरक्षा समुदाय परिषद
- आसियान आर्थिक समुदाय परिषद
- आसियान सामाजिक-सांस्कृतिक समुदाय परिषद
- निर्णय लेना: आसियान में निर्णय लेने का प्राथमिक तरीका परामर्श और सहमति है।
- हालाँकि, चार्टर आसियान-X के सिद्धांत को सुनिश्चित करता है - इसका अर्थ है कि यदि सभी सदस्य राष्ट्र सहमति में हैं, तो भागीदारी के लिये एक सूत्र का उपयोग किया जा सकता है ताकि जो सदस्य तैयार हों वे आगे बढ़ सकें जबकि वे सदस्य जिन्हें कार्यान्वयन के लिये अधिक समय की आवश्यकता हो एक समय-रेखा लागू कर सकते हैं।
✍️आसियान के नेतृत्व वाले मंच
- आसियान क्षेत्रीय मंच (एआरएफ): वर्ष 1993 में शुरू किया गया सत्ताईस सदस्यीय बहुपक्षीय समूह क्षेत्रीय विश्वास निर्माण और निवारक कूटनीति में योगदान करने के लिये राजनीतिक और सुरक्षा मुद्दों पर सहयोग हेतु विकसित किया गया था।
- आसियान प्लस थ्री: 1997 में शुरू किया गया परामर्श समूह आसियान के दस सदस्यों, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया को एक साथ लाता है।
- पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन (ईएएस): यह पहली बार वर्ष 2005 में आयोजित हुआ था।शिखर सम्मेलन का उद्देश्य क्षेत्र में सुरक्षा और समृद्धि को बढ़ावा देना है। आमतौर पर आसियान, ऑस्ट्रेलिया, चीन, भारत, जापान, न्यूजीलैंड, रूस, दक्षिण कोरिया और संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्राध्यक्ष इसमें भाग लेते हैं।आसियान एजेंडा सेटर के रूप में एक केंद्रीय भूमिका निभाता है।
✍️संवाद की आधिकारिक भाषा English
✍️आसियान संयुक्त राष्ट्रसंघ का एक आधिकरिक पर्यवेक्षक है।
✍️क्षेत्रफल के लिहाज से दुनिया का 3 फीसदी एरिया कवर करता है।
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