💉 CoWIN पर 18 वर्ष के बच्चों के टीकाकरण पंजीकरण 1 जनवरी 2022 से शुरु होंगे।
✍️ माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मार्च 2021 में आजादी का अमृत महोत्सव समारोह का उद्घाटन किया था, जिसका उत्सव इसके उद्घाटन के 75-सप्ताह के बाद अगस्त, 2022 को हमारी स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ के रूप में चिह्नित किया गया है और इसके पश्चात भी यह समारोह अगस्त 2023 तक एक वर्ष तक जारी रहेगा।
🏃वर्षांत समीक्षा: खेल विभाग🏋️
टोक्यो ओलंपिक, 2020 में भारत का प्रदर्शन:—
• भारत ने टोक्यो ओलंपिक, 2020 में 1 स्वर्ण, 2 रजत और 4 कांस्य सहित कुल 7 पदक जीते, जो किसी भी ओलंपिक में भारत की ओर से सर्वाधिक पदक हैं।
• सुश्री मीरा बाई चानू ने इस ओलंपिक में प्रथम पदक 24 जुलाई 2021 को 49 किलोग्राम भारोत्तोलन में रजत पदक जीता, जो ओलंपिक में भारोत्तोलन में अब तक का दूसरा पदक था।
• सुश्री लवलीना बोरगोहेन ने 30 जुलाई 2021 को वेल्टर वेट बॉक्सिंग में कांस्य पदक जीता।
• हॉकी पुरुष टीम ने 1980 के ओलंपिक के 41 साल बाद 2020 में टोक्यो में कांस्य पदक जीता।
• नीरज चोपड़ा ने स्वर्ण पदक जीता, जो एथलेटिक्स में अब तक का पहला पदक है और वह किसी भी ओलंपिक में व्यक्तिगत स्वर्ण जीतने वाले दूसरे भारतीय हैं।
• महिला बैडमिंटन की एकल स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर सुश्री पी.वी सिंधु लगातार दो ओलंपिक खेलों में पदक जीतने वाली दूसरी खिलाड़ी बनीं।
• श्री रवि दहिया ने पुरुषों के 57 किलोग्राम भार वर्ग में रजत पदक और श्री बजरंग पुनिया ने 65 किलोग्राम वर्ग में कुश्ती में कांस्य पदक जीता।
टोक्यो पैरालंपिक 2020 में भारत का प्रदर्शन:—
• 9 विभिन्न खेल स्पर्धाओं में रिकॉर्ड संख्या में 54 पैरा एथलीटों ने भाग लिया।
• भारत ने टोक्यो पैरालंपिक 2020 में अब तक के सबसे अधिक 19 पदक जीते।
टोक्यो पैरालंपिक तक, भारत ने पिछले सभी पैरालंपिक में कुल 12 पदक जीते।
यह पैरालंपिक पदक तालिका में भारत द्वारा हासिल की गई सर्वोच्च रैंकिंग (24वीं) भी है।
पिछली सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग 25वीं थी, जो 1972 में आई थी।
हर साल खेलों में उत्कृष्टता को मान्यता देने और पुरस्कृत करने के लिए राष्ट्रीय खेल पुरस्कार दिए जाते हैं।
इस वर्ष, राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने 13 नवंबर, 2021 को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में 72 उत्कृष्ट एथलीटों/कोचों को पुरस्कार प्रदान किए।
राष्ट्रीय खेल पुरस्कार, 2020 के विजेताओं से मिलने और उन्हें सम्मानित करने के लिए 1 नवंबर, 2021 को नई दिल्ली में युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मंत्री श्री अनुराग ठाकुर की अध्यक्षता में एक समारोह आयोजित किया गया था।
यह उल्लेखनीय है कि इन पुरस्कारों के विजेताओं को कोविड-19 महामारी के कारण वर्चुअल तौर पर पिछले साल के आयोजन के दौरान नकद पुरस्कार पहले ही प्राप्त हो चुका था।
किंतु वे उस समारोह के दौरान ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र लेने में सक्षम नहीं थे, जिसे उन्होंने इस कार्यक्रम के दौरान प्राप्त किए।
फिट इंडिया के तहत महत्वपूर्ण पहल:—
• फिट इंडिया फ्रीडम रन का आयोजन 13 अगस्त से 2 अक्टूबर तक किया गया।
• फिट इंडिया मोबाइल ऐप 29 अगस्त 2021 को लॉन्च किया गया था।
यह एंड्रॉइड और आईओएस दोनों प्लेटफॉर्म पर डाउनलोड करने के लिए उपलब्ध है।
• फिट इंडिया क्विज का आयोजन किया गया।
मेधावी खिलाड़ियों को सहायता:—
22 जुलाई 2021 को खेल विभाग ने एशियाई, राष्ट्रमंडल या ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले मेधावी खिलाड़ियों के लिए आईआईएम रोहतक द्वारा आयोजित खेल प्रबंधन कार्यक्रम में कार्यकारी स्नातकोत्तर डिप्लोमा (ईपीजीडीएसएम) करने के लिए एक नई पहल की शुरुआत की है।
विभाग द्वारा इस तरह की सहायता ईपीजीडीएसएम पाठ्यक्रम के शुरू होने की तिथि अर्थात सितंबर 2021 से सितंबर 2026 तक, 5 वर्षों तक जारी रहेगी।
इसमें प्रत्येक उम्मीदवार को 5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
डब्ल्यूएडीए (वाडा) ने एनडीटीएल की मान्यता बहाल की—
राष्ट्रीय डोप परीक्षण प्रयोगशाला (एनडीटीएल) ने वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी (डब्ल्यूएडीए) की पुनः मान्यता हासिल कर ली है।
इसके साथ ही एनडीटीएल का एंटी डोपिंग परीक्षण और अन्य गतिविधियां तुरंत प्रभाव से दोबारा शुरू हो जाएंगी।
उत्कृष्टता के अपने निरंतर प्रयासों में एनडीटीएल नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (एनआईपीईआर), गुवाहाटी और सीएसआईआर-आईआईआईएम जम्मू के साथ एंटी डोपिंग साइंस में सहयोग कर रही है।
राष्ट्रीय डोपिंग-रोधी विधेयक 2021—
यह विधेयक संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा में पेश किया गया।
यह विधेयक खेल में डोपिंग से निपटने के लिए वैधानिक ढांचा उपलब्ध कराने और देश के डोपिंग प्रहरी को अधिक अधिकार प्रदान करने का प्रयास करता है।
कोविड-19 के दौरान पूर्व-अंतर्राष्ट्रीय एथलीटों और कोचों को चिकित्सा, वित्तीय और लॉजिस्टिकल संबंधी सहायता प्रदान करने के लिए विशेष सहायता प्रकोष्ठ बनाया गया।
#चीयर4इंडिया अभियान:—
टोक्यो ओलंपिक में भाग लेने वाले सभी भारतीय खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए इस अभियान के तहत एक सोशल मीडिया ग्रुप बनाया गया था।
ओलंपिक में भाग लेने वाले सभी एथलीट, कोच और सपोर्ट स्टाफ इस ग्रुप के सदस्य थे ताकि असाधारण परिस्थितियों में आयोजित किए गए इन खेलों के दौरान एथलीटों के बीच एकता की भावना पैदा की जा सके।
भारतीय ओलंपिक टीम-2020 के लिए थीम सॉन्ग और #चीयर4इंडिया अभियान का शुभारंभ:—
टोक्यो 2020 ओलंपिक खेलों की भारतीय ओलंपिक टीम के लिए आधिकारिक थीम सॉन्ग का 24 जून, 2021 को नई दिल्ली में शुभारंभ किया गया था।
ओलंपिक के बारे में प्रश्नोत्तरी, सेल्फी पॉइंट, वाद-विवाद और ओलंपिक पर चर्चा जैसी विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से एक राष्ट्रव्यापी #चीयर4इंडिया अभियान की शुरुआत की गई थी।
ये गतिविधियां प्रधानमंत्री की परामर्श के अनुरूप शुरू की गईं ताकि पूरा देश टोक्यो ओलंपिक में जाने वाले भारतीय खिलाड़ियों को समर्थन और प्रेरित करने के लिए एक साथ आ जाए।
केंद्रीय एथलीट चोट प्रबंधन प्रणाली(CAISS):—
केंद्रीय एथलीट चोट प्रबंधन प्रणाली (सीएआईएमएस) युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय द्वारा 11 जून 2021 को शुरू की गई अपनी किस्म की पहली पहल है, जिसकी शुरुआत खेल चिकित्सा और पुनर्वास सहायता को सुव्यवस्थित करने के लिए की गई।
सीएआईएमएस की कोर कमेटी में इस लाइन के प्रतिष्ठित और शीर्ष विशेषज्ञ शामिल हैं।
इसमें चार संरचनाएं- एथलीट वेलनेस सेल, ऑन फील्ड स्पोर्ट्स मेडिसिन विशेषज्ञ, राष्ट्रीय संसाधन रेफरल टीम और केंद्रीय कोर टीम शामिल होंगी।
भारत के 7 राज्यों में 143 खेलो इंडिया केंद्र :—
खेल विभाग ने 25 मई 2021 को 114.30 करोड़ रुपये के कुल बजट अनुमान से 7 राज्यों में 143 खेलो इंडिया केंद्रों के एक अन्य सेट का शुभारंभ किया।
इन केंद्रों को एक-एक खेल विधा सौंपी जाएगी।
ये 7 राज्य हैं- महाराष्ट्र, मिजोरम, गोवा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर।
एथलीट, कोच और सहायक कर्मचारियों के लिए चिकित्सा और दुर्घटना बीमा:—
कोविड-19 महामारी को ध्यान में रखते हुए 20 मई 2021 को यह घोषणा की गई थी कि भारतीय खेल प्राधिकरण (एसएआई) इस वर्ष से 13,000 से अधिक एथलीटों के लिए चिकित्सा और दुर्घटना बीमा कवर का विस्तार करेगा।
इसके तहत एसएआई उत्कृष्टता केंद्र में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले सभी राष्ट्रीय कैंपरों, संभावित राष्ट्रीय कैंपरों और खेलो इंडिया कैंपरों को 5-5 लाख रुपये का बीमा कवर उपलब्ध कराया जाएगा।
स्वास्थ्य बीमा 5-5 लाख रुपये का होगा, इसके साथ ही दुर्घटना या मृत्यु होने पर 25 लाख रुपये का कवर भी शामिल होगा।
कोविड-19 के आलोक में पूर्व-अंतर्राष्ट्रीय एथलीटों और कोचों को सहायता:—
कोविड-19 महामारी को ध्यान रखते हुए यह सुनिश्चित करने के लिए कि पूर्व अंतर्राष्ट्रीय एथलीटों और कोचों की चिकित्सा, वित्तीय और लॉजिस्टिक संबंधी सहायता तक पहुंच रहे खेल विभाग भारतीय ओलंपिक संघ और भारतीय खेल प्राधिकरण ने एक विशेष सहायता प्रकोष्ठ बनाने के लिए 9 मई, 2021 को सहयोग करने का निर्णय लिया।
इसके लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय खिलाड़ी कल्याण कोष (पीडीयूएनडब्ल्यूएफएस) से वित्तीय सहायता, गंभीर स्थिति में रह रहे खिलाड़ियों और उनके परिवारों को प्रदान की जाएगी।
फिट इंडिया मिशन ने फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) के सहयोग से 10 मार्च, 2021 को 'बेटी बचाओ, बेटी पढाओ' के साथ फिट इंडिया मिशन के कार्यक्रम की समग्रता के हिस्से के रूप में 'फिट महिला, फिट परिवार, फिट भारत' पर अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एक वर्चुअल सम्मेलन का आयोजन किया था।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की विरासत के 125 साल पूरे होने के अवसर, फिट इंडिया मिशन और नेहरू युवा केंद्र संगठन (एनवाईकेएस) ने 8 मार्च, 2021 को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, नई में महिलाओं और लड़कियों के लिए 2 किलोमीटर की वॉकथॉन का आयोजन किया था।
युवा कार्यक्रम और खेल राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार श्री किरेन रिजिजू ने देश को फिट रखने में महिलाओं के महत्व को बढ़ावा देने के लिए 'फिट इंडिया वॉकथॉन' को झंडी दिखाकर रवाना किया था।
इसी के अनुरूप एनवाईकेएस ने पूरे भारत में वॉकथॉन का आयोजन किया।
पुरुष और महिला दोनों श्रेणियों के लिए योगासन खेल को खेलो इंडिया यूथ गेम्स, 2021 में शामिल किया गया।
सरकार ने देश में एक प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में योगासन के प्रचार और विकास के लिए राष्ट्रीय योगासन स्पोर्ट्स फेडरेशन (एनवाईएसएफ) को राष्ट्रीय योगासन खेल संघ के रूप में मान्यता दी।
सरकारी मान्यता एनवाईएसएफ को सभी श्रेणियों अर्थात सीनियर, जूनियर और सब-जूनियर में अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में भागीदारी के लिए राष्ट्रीय चैंपियनशिप आयोजित करने के लिए वित्तीय सहायता का पात्र बनाते हैं।
'फिट बेंगलुरु फॉर फिट इंडिया' ट्रायथलॉन का बेंगलुरु में 22 फरवरी, 2021 को आयोजन किया गया।
केंद्रीय खेल मंत्री ने श्री तेजस्वी सूर्या (सांसद, बेंगलुरु दक्षिण) के साथ इस आयोजन में भाग लिया, जिसमें 3 किलोमीटर जॉगिंग, 1.5 किलोमीटर साइकिलिंग, 50 मीटर (2 लैप) तैराकी और वाटर पोलो खेल शामिल थे।
कार्यक्रम का समापन एक छोटे पोलो मैच के साथ हुआ।
खेलो इंडिया विंटर गेम्स का दूसरा संस्करण:—
खेलो इंडिया विंटर गेम्स के दूसरे संस्करण का प्रधानमंत्री द्वारा 26 फरवरी, 2021 को वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया गया था।
इस स्पोर्ट्स मीट का 2 मार्च, 2021 को जम्मू और कश्मीर के गुलमर्ग में सफलतापूर्वक समापन हुआ।
वार्षिक कार्यक्रम का जम्मू-कश्मीर खेल परिषद और जम्मू-कश्मीर के शीतकालीन खेल संघ द्वारा युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के साथ आयोजन किया गया था।
इस अवसर पर केंद्रीय खेल मंत्री ने जम्मू-कश्मीर में एक अत्याधुनिक शीतकालीन खेल अकादमी बनाने सहित जम्मू-कश्मीर में खेल इकोसिस्टम को और बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं की घोषणा की थी।
फिट इंडिया स्कूल वीक:—
केंद्रीय खेल मंत्री ने "फिट इंडिया स्कूल वीक" कार्यक्रम के दूसरे संस्करण का 27 जनवरी 2021 को समापन किया।
"फिट इंडिया स्कूल वीक" कार्यक्रम का समारोह मनाने के लिए, केंद्रीय विद्यालय-2, नौसेना बेस, कोच्चि के छात्रों द्वारा ने एक लाइव वर्चुअल प्रदर्शन कार्यक्रम की प्रस्तुत दी, जिसमें सूर्य नमस्कार, फ्री-हैंड एक्सरसाइज, एरोबिक्स, नृत्य और तात्कालिक प्रदर्शन की ऑनलाइन प्रस्तुति दी गई।
यह कार्यक्रम बच्चों को उनकी दिनचर्या में शारीरिक गतिविधि और खेल को शामिल करने के लिए प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।
ऑनर स्पोर्टिंग हीरोज:—
देश के खेल नायकों को सम्मानित करने के प्रयास के तहत खेल विभाग ने 17 जनवरी 2021 को भारतीय खेल प्राधिकरण (एसएआई) की सभी आगामी और उन्नत खेल सुविधाओं का नाम उन प्रसिद्ध खिलाड़ियों के नाम पर रखने का निर्णय लिया है, जिन्होंने देश में खेलों के लिए अपना योगदान दिया है।
भारतीय स्टेट बैंक ने 18 जनवरी 2021 को राष्ट्रीय खेल विकास कोष (एनएसडीएफ) में 5 करोड़ रुपये का योगदान दिया, जिसका मुख्य उद्देश्य टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टीओपीएस) के तहत प्रसिद्ध एथलीटों की जरूरतों को पूरा करना है।
केन्द्रीय खेल मंत्री ने डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज के परिसर में 162 बिस्तरों वाले वातानुकूलित आवासीय छात्रावास का दिनांक 07 जनवरी 2021 को उद्घाटन किया। यह सुविधा 12.26 करोड़ रुपये की लागत से जुटाई गई है।
इस छात्रावास सुविधा के निर्माण से उन भारतीय निशानेबाजों के प्रशिक्षण को बढ़ावा मिलेगा जो इससे पहले शूटिंग रेंज के बाहर किसी आवास में रह रहे थे।
केंद्रीय खेल मंत्री ने 04 जनवरी 2021 को असम राइफल्स पब्लिक स्कूल (एआरपीएस) शिलांग का खेलो इंडिया स्पोर्ट्स स्कूल के रूप में शुभारंभ किया।
वर्तमान में शिक्षा के साथ खेल को एकीकृत करने और इस प्रक्रिया में देश में खेल विकसित करने एवं एथलीटों के समग्र प्रोफाइल तथा दृष्टिकोण में सुधार करने के लिए 9 खेल स्कूलों को मंजूरी दी गई है।
✍️ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज उत्तराखंड में 17,500 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 23 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
(लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना, ऊधम सिंह नगर में एम्स ऋषिकेश उपग्रह केंद्र और पिथौरागढ़ में जगजीवन राम गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज की आधारशिला आदि)
✍️ मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय की वर्ष 2021 के दौरान प्रमुख पहलें और उपलब्धियां—
1. राष्ट्रीय गोकुल मिशन :
इस साल 8.32 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा मूल्य के 19.848 टन दूध का उत्पादन किया।
विभाग की नई पहलें:—
2021-22 से 2025-26 के लिए राष्ट्रीय गोकुल मिशन का कार्यान्वयन ।
उत्पादकता में सुधार और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के क्रम में, किसानों के लिए दुग्ध व्यवसाय को ज्यादा लाभकारी बनाने के उद्देश्य से गोवंशियों के अनुवांशिकीय उन्नयन और स्वदेशी नस्लों के विकास एवं संरक्षण के लिए राष्ट्रीय गोकुल मिशन को 2,400 करोड़ रुपये के आवंटन के साथ 5 साल के लिए बढ़ा दिया गया है।
मिशन के तहत सेक्स सॉर्टेड सीमेन, आईवीएफ तकनीक, जीनोमिक चयन आदि जैसी कई नई तकनीकों को किसानों के घर तक उपलब्ध करा दिया गया है।
योजना के कार्यान्वयन में राज्यों में पशु और भैंस प्रजनन इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार की जगह किसानों के घर तक कृत्रिम गर्भाधान सेवाएं, आईवीएफ तकनीक और सेक्स सॉर्टेड सीमेन सहित गुणवत्तापूर्ण प्रजनन सेवाएं पहुंचाने पर जोर दिया गया है।
प्रस्तावित कार्यक्रम के देश में कार्यान्वयन से 2024-25 में दुग्ध उत्पादन बढ़कर 30 करोड़ मीट्रिक टन हो जाएगा, जो 2019-20 में 19.84 करोड़ मीट्रिक टन रहा था। प्रति वर्ष प्रति मवेशी दुग्ध उत्पादन में औसतन 1,200 किग्रा की बढ़ोतरी के रूप में दुग्ध व्यवसाय से जुड़े 8 करोड़ किसानों को प्रत्यक्ष रूप से फायदा होगा।
राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत नए घटक:
(i) त्वरित नस्ल विकास कार्यक्रम-
त्वरित नस्ल सुधार कार्यक्रम के तहत अगले पांच साल के दौरान 2 लाख आईवीएफ गर्भधारण होंगे। किसानों को प्रत्येक सुनिश्चित गर्भधारण पर 5,000 रुपये की दर से सब्सिडी उपलब्ध कराई जाएगी।
देश में 90 फीसदी सटीकता तक सिर्फ बछियों के जन्म के लिए सेक्स सॉर्टेड सीमेन उत्पादन शुरू किया गया है।
सेक्स सॉर्टेड सीमेन का उपयोग न सिर्फ दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए गेमचेंजर होगा, बल्कि इससे आवारा पशुओं की आबादी भी सीमित हो जाएगी। अगले पांच साल के दौरान, 51 लाख गर्भधारण होंगे और 750 रुपये या सुनिश्चित गर्भधारण पर सॉर्टेड सीमेन की लागत की 50 प्रतिशत सब्सिडी किसानों को उपलब्ध होगी।
(ii) नस्ल गुणन फार्म्स की स्थापना-
इसमें डेयरी क्षेत्र के लिए उद्यमशीलता सहित निवेश आकर्षित करने और डेयरी फार्मिंग के हब एंड स्पोक मॉडल के विकास के अवसर पैदा करने के उद्देश्य से, न्यूनतम 200 गोवंशियों के समूह के नस्ल गुणन फॉर्म्स की स्थापना के लिए इन घटक के तहत निजी उद्यमियों को पूंजी लागत (जमीन की लागत के अलावा) पर 50 फीसदी (प्रति फॉर्म 2 करोड़ रुपये तक) तक सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है।
पुरस्कार और नई पेशकश
(क) गोपाल रत्न पुरस्कार 2021
विभाग ने 2021 में गोपाल रत्न पुरस्कार शुरू किया था और यह पशुधन व डेयरी क्षेत्र में सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कारों में से एक है।
इस पुरस्कार का उद्देश्य सभी किसानों, कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियनों और इस क्षेत्र में काम कर रही दुग्ध सहकारी समितियों को प्रोत्साहित करना है।
यह पुरस्कार तीन श्रेणियों में दिया जाता है, जिनके नाम हैं –
(i) स्वदेशी मवेशी/भैंसों की नस्लों को पालन वाले सर्वश्रेष्ठ डेयरी किसान;
(ii) सर्वश्रेष्ठ कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन (एआईटी) और
(iii) सर्वश्रेष्ठ डेयरी सहकारी समिति।
पुरस्कार में एक श्रेष्ठता प्रमाण पत्र, एक स्मृति चिह्न और हर श्रेणी में नकद धनराशि शामिल है।
सबसे पहली रैंक हासिल करने वाले 5 लाख रुपये)
दूसरी रैंक मिलने पर 3 लाख रुपये
तीसरी रैंक वाले को 2 लाख रुपये मिलेंगे।
पहली बार 15.07.2021 से 15.10.2021 के बीच ऑनलाइन आवेदन पोर्टल https://gopalratnaaward.qcin.org के माध्यम से स्व नामांकन आधार पर आवेदन आमंत्रित किए गए थे।
कुल 4,401 आवेदन प्राप्त हुए थे और विभाग द्वारा उनका मूल्यांकन किया गया था।
इसके बाद देश के 4 सर्वश्रेष्ठ डेयरी किसानों, 3 सर्वश्रेष्ठ एआई तकनीशियनों और 3 सर्वश्रेष्ठ दुग्ध सहकारी समितियों को 26 नवंबर, 2021 को सम्मानित किया गया था।
(ख) नस्ल गुणन फार्म पोर्टल का शुभारम्भ—
इच्छुक निजी लोगों/ उद्यमियों, एफपीओ, एसएचजी, एफसीओ, जेएलजी और धारा 8 कंपनियों से नस्ल गुणन फार्म के लिए ऑनलाइन आवेदन प्राप्त करने के उद्देश्य से 26 नवंबर, 2021 को नस्ल गुणन फार्म पोर्टल लॉन्च किया गया।
(ग) डेयरी मार्क का शुभारम्भ-
माननीय प्रधानमंत्री ने 23 दिसंबर, 2021 को डेयरी मार्क लॉन्च किया, इस एकीकृत लोगो में ‘उत्पाद-खाद्य सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली-प्रक्रिया’ प्रमाणन के लिए पहले संबंधित लोगो बीआईएस-आईएसआई मार्क एवं एनडीडीबी- गुणवत्ता मार्क और कामधेनु गाय की आकृति बनी हुई है।
डेयरी मार्क के साथ हमारे उपभोक्ता दूध और दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता के प्रति आश्वस्त होंगे।
साथ ही दुग्ध उत्पादकों/ प्रसंस्करणकर्ताओं के लिए पोर्टल के माध्यम से बीआईएस के लिए आवेदन करके गुणवत्ता प्रमाणन हासिल करना आसान होगा।
जारी कार्यक्रम—
राष्ट्रव्यापी कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम:-
राष्ट्रव्यापी एआई कार्यक्रम सितंबर 2019 में शुरू किया गया था और कार्यक्रम के तहत किसानों को उनके घर तक मुफ्त में एआई सेवाएं दी गईं।
अभी तक 2.20 करोड़ मवेशियों को इसमें शामिल करते हुए, 2.6 करोड़ कृत्रिम गर्भाधान कराए जा चुके हैं और कार्यक्रम के तहत 1.4 करोड़ किसान लाभान्वित हो चुके हैं।
अगले पांच साल के दौरान राष्ट्रव्यापी एआई कार्यक्रम का 15 करोड़ गोवंशियों तक विस्तार किया जाएगा, जिससे 7.5 करोड़ किसान लाभान्वित होंगे।
जीनोमिक चयन: —
डेयरी क्षेत्र में अग्रणी राष्ट्र डीएनए आधारित चयन का उपयोग कर रहे हैं जिसे जीनोमिक चयन कहा जाता है।
इससे वे जन्म के समय ही अनुवांशिक रूप से योग्य साबित होते हैं, जबकि पारंपरिक तरीके से बैलों (सांडों) को अनुवांशिक योग्यता साबित करने में 6-7 साल लग जाते हैं। जीनोमिक चयन के लिए डीएनए चिप विकसित की गई है, जिसमें मवेशी और भैंस के लिए एनडीडीबी द्वारा विकसित इंडस चिप और बफ चिप एवं एनबीएजीआर द्वारा विकसित लो डेंसिटी चिप शामिल है।
इस चिप को स्वदेशी नस्लों के जीनोमिक चयन के लिए एनबीएजीआर द्वारा विकसित चिप के साथ मिलाया गया है।
इससे बैलों के उत्पादन की लागत में खासी कमी आ जाएगी।
ई-गोपाल ऐप:—
माननीय प्रधानमंत्री ने 10 सितंबर, 2020 को समग्र मवेशी नस्ल सुधार और किसानों के सीधे इस्तेमाल के लिये सूचना पोर्टल के रूप में ई-गोपाल ऐप (जेनरेशन ऑफ वेल्थ थ्रू प्रोडक्टिव लाइवस्टॉक– उत्पादक पशुधन के जरिये सम्पदा सृजन) का शुभारंभ किया था।
ई-गोपाल ऐप एक डिजिटल प्लेटफार्म है, जो किसानों को पशुधन के प्रबंधन में सहायता कर रहा है।
इसमें सीमेन, भ्रूण, आदि के रूप में रोग-मुक्त जर्मप्लास्मा की खरीद और बिक्री, बेहतर नस्ली सेवाओं की उपलब्धि (कृत्रिम गर्भाधान, पशु चिकित्सा फर्स्ट ऐड, टीकाकरण, उपचार आदि) तथा पशु पोषण तथा उचित आयुर्वेदिक दवा/नस्ल आधारित पशु औषधि के जरिये पशुओं के उपचार के लिये किसानों के मार्गदर्शन की सुविधा उपलब्ध है।
मैत्री की स्थापनाः—
कृत्रिम बौद्धिकता तकनीशियनों की मांग पूरी करने के लिये राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत परियोजना को मंजूरी दे दी गई है।
इसके जरिये 90958 ग्रामीण भारत में बहुउद्देश्यीय कृत्रिम बौद्धिकता तकनीशियन (मल्टी पर्पज एआई टेक्नीशियंस इन रूरल इंडिया- मैत्री) की बहाली की योजना है।
अब तक 11,000 ऐसे तकनीशियनों को प्रशिक्षित करके उन्हें बहाल किया गया है।
मैत्री की स्थापना के साथ कृत्रिम गर्भाधान की सेवा किसानों को अपनी चौखट पर उपलब्ध होगी।
2. डेयरी विकास योजनायें:—
(1) राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम (एनपीडीडी)-
फरवरी 2014 के बाद से देशभर में “राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम (एनपीडीडी)” नामक केंद्रीय योजना का कार्यान्वयन किया जा रहा है।
इसका लक्ष्य है बेहतर दूध उत्पादन के लिये अवंसरचना का सृजन और उसे मजबूत बनाना, राज्य कार्यान्वयन एजेंसी (एसआईए), यानी राज्य सहकारी दुग्ध संघ के जरिये दूध और दुग्ध उत्पादों की खरीद, प्रसंस्करण और विपणन।
जुलाई 2021 में योजना को दोबारा दुरुस्त और संशोधित किया गया।
संशोधित एनपीडीडी योजना को 2021-22 से 2025-26 में कार्यान्वित किया जायेगा, जिसका बजट प्रावधान 1790 करोड़ रुपये है।
योजना का लक्ष्य है दूध और दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता को बढ़ाना तथा संगठित खरीद, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन की हिस्सेदारी में इजाफा करना।
इस योजना के दो घटक हैं:-
घटक ‘अ’— के तहत दूध की गुणवत्ता की जांच प्रणाली के सृजन/मजबूती की दिशा में काम करना है। साथ ही राज्य सहकारी डेयरी संघों/जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघों/स्वसहायता समूह द्वारा संचालित निजी डेयरी/दुग्ध उत्पादक कंपनियों/किसान उत्पादक संगठनों के लिये दूध सम्बंधी प्राथमिक शीतन सुविधायें उपलब्ध कराना।
घटक ‘ब’ — के तहत जापान इंटरनेशनल कोऑप्रेशन एजेंसी (जीआईसीए) से वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, जो परियोजना समझौते के आधार पर दी जाती है। इस पर पहले ही हस्ताक्षर हो चुके हैं। इस परियोजना में केंद्र सरकार की हिस्सेदारी के बारे में प्रस्ताव है कि यह वित्तपोषण एनपीडीडी (घटक ‘अ’) के जरिये किया जायेगा।
प्रगति/उपलब्धियां (जनवरी-दिसंबर 2021) :—
जनवरी 2021 से दिसंबर 2021 के दौरान 361.67 करोड़ रुपये (केंद्र का हिस्सा 236.94 करोड़ रुपये) की कुल लागत से एनपीडीडी के अंतर्गत आठ राज्यों में 12 नई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
ये परियोजनायें प्राथमिकता के आधार पर प्रति दिन 60 हजार लीटर की अतिरिक्त दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता का सृजन करना और गांव स्तर पर 788 थोक दुग्ध कूलरों (जिनकी क्षमता 2201.9 हजार लीटर की होगी) लगाकर दूध को ठंडा रखने की सुविधा, दूध एकत्र करने और उसकी जांच अवंसरचना को मजबूत बनाने पर जोर देंगी।
इनके साथ ही दूध एकत्र करने की 5172 ऑटोमैटिक संयंत्रों तथा मिलावटी दूध की जांच करने के लिये 3921 इलेक्ट्रॉनिक जांच मशीनें भी शामिल हैं।
2) डेयरी प्रसंस्करण और अवसंरचना विकास निधि (डीआईडीएफ) योजनाः
आरंभः 21 दिसंबर, 2017
लक्ष्यः मूल्य संवर्धन सहित दुग्ध प्रसंस्करण और शीतल संयंत्रों को आधुनिक बनाना
योजना लागतः 11,184 करोड़ रुपये; कुल परियोजना लागतः 10,005 करोड़ रुपये (ऋणः 8004 करोड़ रुपये, अंतिम उधारकर्ता का योगदानः 2001 करोड़ रुपये); एनडीडीबी और एनसीडीसी योगदानः 12 करोड़ रुपये, ब्याज सहायता (भारत सरकार): 1167 करोड़ रुपये
डेयरी प्रसंस्करण और अवसंरचना विकास निधि(डीआईडीएफ) योजना के घटकः—
दुग्ध प्रसंस्करण, शीतल और मूल्य संवर्धित उत्पाद संयंत्र
दूध को ठंडा रखने वाली अवसंरचना
दूध की जांच करने वाली इलेक्ट्रॉनिक किट
जून, 2021 में जोड़े जाने वाले नये घटक
पशु आहार/पूरक आहार संयंत्र
दुग्ध आवागमन प्रणाली (विशेष वाहन/शीत टैंकर आदि)
विपणन अवसंरचना
जिंस और पशु आहार गोदाम
आईसीटी अवसंरचना
अनुसंधान एवं विकास (प्रयोगशाला एवं उपकरण, नवोन्मेष, उत्पाद विकास आदि)
नवीकरणीय ऊर्जा अवसंरचना/संयंत्र, त्रि-उत्पादन/ऊर्जा दक्षता अवसंरचना
डेयरी उद्देश्यों के लिये पीईटी बोतलों/पैकेजिंग सामग्रियों के निर्माण संयंत्र
लक्ष्य क्रियान्वयन एंजेंसी (ईआईए):—
राज्य दुग्ध संघ, जिला दुग्ध संघ, बहुराज्यीय डेयरी सहकारिता, दुग्ध उत्पादक कंपनियां, एनडीडीबी की सहायक कंपनियां।
पशुपालन और डेयरी किसानों के लिये किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी):-
पशुपालन और डेयरी किसानों को 01.06.2020 से 31.12.2020 के दौरान किसान क्रेडिट कार्डों के जरिये रियायती ऋण देने के लिये एक विशेष अभियान चलाया गया।
सभी पात्र पशुपालकों और मत्स्यपालकों को किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा प्रदान करने के लिये मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय ने वित्तीय सेवा विभाग के सहयोग से 15 नवंबर, 2021 से 15 फरवरी 2022 तक चलने वाले “देशव्यापी एएचडीएफ केसीसी अभियान” की शुरुआत की।
पशुधन स्वास्थ्य और रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एलएचडीसीपी):—
पशुधन स्वास्थ्य और रोग नियंत्रण कार्यक्रम
(एलएचडीसीपी) और राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एनएडीसीपी) को रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत मिलाकर एक योजना पशुधन स्वास्थ्य और रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एलएचडीसीपी) बना दी गई।
खुरपका-मुखपका तथा माल्टा ज्वर रोगों के नियंत्रण के लिये राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एनएडीसीपी) एक केंद्रीय योजना है, जिसकी लागत पांच वर्षों के लिये 13,343 करोड़ रुपये है। इसे सितंबर 2019 में शुरू किया गया था। योजना का लक्ष्य है खुरपका-मुखपका और माल्टा ज्वर का उन्मूलन टीकाकरण के जरिये 2025 तक कर दिया जाये।
2020-21 में एएचएस विभाग की विभिन्न विकास/उपलब्धियां:—
दो घटकों
(i) पशुधन जनगणना (एलसी)
(ii) एकीकृत नमूना सर्वेक्षण (आईएसएस)
के साथ विकास कार्यक्रम श्रेणी के तहत केंद्र प्रायोजित योजना जिसका नाम "पशुधन गणना और एकीकृत नमूना सर्वेक्षण योजना" है।
पशुधन गणना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में घरेलू स्तर तक पशुधन की आबादी, प्रजाति और नस्ल वार के साथ उम्र, लिंग संरचना आदि की जानकारी देना है।
20वीं पशुधन गणना रिपोर्ट के हिसाब से देश में कुल पशुधन संख्या और कुल मुर्गीपालन क्रमशः 536.76 मिलियन और 851.81 है, जो पशुधन गणना 2012 की तुलना में क्रमशः 4.8% और 16.8% की वृद्धि दर्शाती है।
✍️ केन्द्र सरकार ने उपभोक्ता संरक्षण (जिला आयोग, राज्य आयोग और राष्ट्रीय आयोग के अधिकार क्षेत्र) नियम, 2021 अधिसूचित किए
उपभोक्ता शिकायतों को देखने के लिए संशोधिक आर्थिक अधिकार क्षेत्र इस प्रकार होंगे-
1) जिला आयोगों के लिए 50 लाख रुपये तक
2) राज्य आयोगों के लिए 50 लाख रुपये ज्यादा से लेकर 2 करोड़ रुपये तक
3) राष्ट्रीय आयोग के लिए 2 करोड़ रुपये से ज्यादा
उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 उपभोक्ता विवादों के समाधान के लिए तीन स्तरीय अर्ध न्यायिक तंत्र की घोषणा करता है
1. जिला आयोग,
2. राज्य आयोग और
3. राष्ट्रीय आयोग
उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 कहता है कि हर शिकायत का जल्दी से जल्दी निस्तारण किया जाएगा और विपक्षी पार्टी को नोटिस प्राप्त होने की तारीख से 3 महीने की अवधि के भीतर शिकायत पर फैसला करने का प्रयास किया जाएगा, जहां शिकायत के कमोडिटीज के विश्लेषण या जांच की जरूरत न हो और यदि कमोडिटीज के विश्लेषण या जांच की जरूरत होने पर शिकायत के निस्तारण की अवधि 5 महीने होगी।
वर्तमान में, ई-दाखिल की सुविधा 544 उपभोक्ता आयोगों को उपलब्ध हैं, जिसमें 21 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के राष्ट्रीय आयोग और उपभोक्ता आयोग शामिल हैं।
✍️ ट्राइफेड आदिवासियों की आजीविका में सुधार लाने और उनके सशक्तिकरण की दिशा में काम करने के लिए कई कार्यक्रम और पहल चला रहा है।
हाल के दिनों में ट्राइफेड द्वारा कार्यान्वित वन धन कार्यक्रम इस दिशा में एक प्रमुख पहल है, जो लघु वनोपज (एमएफपी) की उपलब्धता के साथ-साथ महत्वपूर्ण वनवासी आदिवासी जनसंख्या वाले 25 राज्यों और 307 जिलों में संचालित है।
ट्राइफेड ने अपनी गतिविधियों का विस्तार करने और अधिक आदिवासियों की मदद करने के लिए 29 दिसंबर, 2021 को रामभाऊ म्हालगी प्रबोधिनी- नेशन फर्स्ट पॉलिसी रिसर्च सेंटर (आरएमपी-एनएफपीआरसी) के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, ताकि ज्ञान, विशेषज्ञता और संस्थागत ताकत का लाभ उठाने में सहयोगात्मक प्रयास किया जा सके।
✍️ सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की वर्ष 2021 के दौरान प्रमुख पहलें और उपलब्धियां—
1. नशा मुक्त भारत अभियान
272 जिलों में 15 अगस्त, 2020 को नशा मुक्त भारत अभियान (एनएमबीए) की शुरुआत की गई थी। इन संवेदनशील जिलों की पहचान व्यापक राष्ट्रीय सर्वेक्षण के निष्कर्षों और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर की गई थी।
यह अभियान नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा नशीले पदार्थों की आपूर्ति पर लगाए गए अंकुश, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा पहुंच और जागरूकता तथा मांग में कमी लाने के प्रयास एवं स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से उपचार को शामिल करते हुए एक तीन-आयामी हमला है।
मंत्रालय द्वारा नशा मुक्त भारत अभियान के लिए एक मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च किया गया था, जिसे वास्तविक रूप से हो रही गतिविधियों की जानकारी देने और डेटा उपलब्ध करने के लिए शुरू किया गया था।
एनएमबीए के लिए एक वेबसाइट (http://nmba.dosje.gov.in) को इस अभियान के बारे में उपयोगकर्ता/दर्शक को विस्तृत जानकारी और पूरा ज्ञान प्रदान करने के उद्देश्य से लाइव और सार्वजनिक किया गया है।
आजादी का अमृत महोत्सव मनाने के लिए, मंत्रालय ने परिभाषित मानकों के अनुसार अगस्त 2021 से अगस्त 2022 तक 100 जिलों को 'नशीली दवा के संवेदनशील जिले' घोषित करने की योजना बनाई है।
2. आजीविका और उद्यम के लिए हाशिए पर रहने वाले व्यक्तियों के लिए ‘स्माइल’ योजना
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने एक प्रमुख योजना ‘स्माइल-सपोर्ट फॉर मार्जिनेलाइज्ड इंडिविजुअल फॉर लाइव्लीहुड एंड इंटरप्राइज’ योजना तैयार की है,
इसमें दो उप योजनाएं- 'ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के कल्याण के लिए व्यापक पुनर्वास हेतु केंद्रीय क्षेत्र योजना' और दूसरी भीख मांगने के कार्य में लगे व्यक्तियों के व्यापक पुनर्वास के लिए' केंद्रीय क्षेत्र योजना शामिल हैं।
इस अम्ब्रेला योजना में कई व्यापक उपाय शामिल हैं, जिनमें ट्रांसजेंडर व्यक्तियों और भीख मांगने के काम में लगे व्यक्तियों के लिए कल्याण उपायों सहित अनेक व्यापक उपाय शामिल हैं, जिनमें राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेशों, स्थानीय शहरी निकायों, स्वैच्छिक संगठनों, समुदाय आधारित संगठनों (सीबीओ) और अन्य संस्थानों की सहायता से पुनर्वास, चिकित्सा सुविधाओं, परामर्श, शिक्षा, कौशल विकास और आर्थिक संबंधों के बारे में व्यापक रूप से ध्यान केंद्रित किया गया है।
इस योजना के जल्दी ही शुरू होने की उम्मीद है।
3. अनुसूचित जाति (एससी) छात्रों के लिए पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना
एससी छात्रों के लिए पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत केंद्रीय कैबिनेट ने दिसंबर, 2020 में 2020-21 से 2025-26 की अवधि के लिए योजना में परिवर्तनकारी बदलावों को मंजूरी दी थी।
इनमें केंद्र और राज्यों के बीच 60:40 की तय साझेदारी ढांचा और 2021-22 के बाद लाभार्थियों को केंद्रीय शेयर का डीबीटी शामिल है।
4. स्वच्छता उद्यमी योजना (एसयूवाई)
नेशनल सफाई कर्मचारी फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनएसकेएफडीसी) ने 2 अक्टूबर, 2014 को महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर स्वच्छता उद्यमी योजना (एसयूवाई) की शुरुआत की थी। इस योजना को स्वच्छता और सफाई कर्मचारियों व उनके आश्रितों को आजीविका प्रदान करने व मैनुअल स्कैवेंजर्स से मुक्त करने के दोहरे उद्देश्य को साथ शुरू किया गया है।
स्वच्छता संबंधी परियोजनाओं के लिए एसयूवाई योजना के तहत प्रगति
(i). प्रधानमंत्री दक्षता और कुशलता संपन्न हितग्राही (प्रधानमंत्री-दक्ष) योजना
माननीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने दिनांक 07.08.2021 को प्रधानमंत्री-दक्ष पोर्टल और प्रधानमंत्री-दक्ष मोबाइल ऐप को लॉन्च किया था।
प्रधानमंत्री-दक्ष पोर्टल 'प्रधानमंत्री दक्षता और कुशलता संपन्न हितग्राही (प्रधानमंत्री-दक्ष) योजना' के तहत नि:शुल्क कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा प्रदान करता है।
इसके तहत 18 से 45 वर्ष की उम्र के कूड़ा उठाने वालों के साथ एससी, ओबीसी, ईबीसी, डीएनटी, स्वच्छता कर्मचारी से संबंधित उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं।
अप-स्किलिंग/री-स्किलिंग, अल्पावधि प्रशिक्षण, दीर्घावधि प्रशिक्षण और उद्यमिता विकास कार्यक्रम (ईडीबी) जैसी चार पहल उनके कौशल को बढ़ाने के लिए शुरू की गई हैं। इसके लिए इच्छुक उम्मीदवार pmdaksh.dosje.gov.in या मोबाइल ऐप "पीएम-दक्ष" को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करके उस पर अपना पंजीकरण कर सकते हैं।
(ii)हाथ से मैला उठाने वालों (एसआरएमएस) के पुनर्वास के लिए स्वरोजगार योजना की स्कीम—
(iii) सैक्रेड (एसएसीआरईडी) पोर्टल लॉन्च—
माननीय उपराष्ट्रपति द्वारा सीनियर एबल सिटीजन फार री-एंप्लायमेंट इन डिगनिटी (एसएसीआरईडी) (https://sacred.dosje.gov.in/) नामक एक पोर्टल लॉन्च किया गया।
यह पोर्टल ऐसी कंपनियों की प्राथमिकताओं को जो ऐसे वरिष्ठ नागरिकों को नियुक्त करने के लिए तैयारी है, इच्छुक वरिष्ठ नागरिकों की प्राथमिकताओं के साथ वर्चुअल रूप से मिलान करने के द्वारा उन्हें रोजगार प्रदान करने के लिए लॉन्च किया गया।
✍️ श्री संजय कुमार सिंह ने आज नई दिल्ली में इस्पात मंत्रालय के सचिव का पदभार ग्रहण किया।
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