निर्यात तत्परता सूचकांक(EPI) 2021: नीति आयोग
राजस्थन की स्थिति:-
नीति आयोग व इंस्टीट्यूट ऑफ कॉम्पिटेटिवनेस ( Institute of Competitiveness) संयुक्त रूप से निर्यात तत्परता सूचकांक (Export Preparedness Index-EPI) जारी करता है।
भारतीय राज्यों की निर्यात तत्परता का मूल्यांकन करने के लिये निर्यात तत्परता सूचकांक के निर्माण का विचार सर्वप्रथम वर्ष 2019 में नीति आयोग के समक्ष आया था।
इसका प्रथम संस्करण 2020 में जारी किया गया।
इसका द्वितीय संस्करण "निर्यात तत्परता सूचकांक 2021" 25 मार्च 2022 को जारी किया गया।
निर्यात तत्परता सूचकांक (EPI) की संरचना में कुल 4 स्तंभ-
- नीति:— निर्यात और आयात के लिये रणनीतिक दिशा प्रदान करने वाली एक व्यापक व्यापार नीति।
- बिज़नेस इकोसिस्टम:— एक कुशल बिज़नेस इकोसिस्टम जो राज्यों को निवेश आकर्षित करने और स्टार्ट-अप शुरू करने हेतु व्यक्तियों के लिये एक सक्षम बुनियादी ढाँचा बनाने में मदद करता है।
- निर्यात पारिस्थितिकी तंत्र:— कारोबारी माहौल का आकलन करना, जो निर्यात के लिये विशिष्ट हो।
- निर्यात प्रदर्शन:— यह एकमात्र आउटपुट आधारित पैरामीटर है जो राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के निर्यात गतिविधियों की जाँच करता है। निर्यात निष्पादन शामिल हैं, इसके अलावा इन सभी स्तंभों में कुछ उप-स्तंभ भी शामिल हैं।
11 उप स्तंभ - निर्यात संवर्धन नीति, संस्थागत संरचना, व्यवसाय वातावरण, अवसंरचना, परिवहन संपर्क, वित्त की सुविधा, निर्यात अवसंरचना, व्यापार सहायता, अनुसंधान एवं विकास अवसंरचना, निर्यात विविधीकरण और विकास अनुकूलन शामिल हैं।
EPI-2021 में 4 स्तंभ, 11 उप स्तंभ और 60 संकेतक तथा इसमें 28 राज्य एवं 8 केंद्रशासित प्रदेश शामिल हैं।
उद्देश्य:—
- भारतीय निर्यात क्षेत्र के लिये चुनौतियों और अवसरों की पहचान करना।
- सरकारी नीतियों की प्रभावोत्पादक को बढ़ाना।
- एक सुविधाजनक नियामकीय संरचना को प्रोत्साहित करना है।
समग्र रैंकिंग:—
समग्र रैंकिंग के मामले में गुजरात लगातार दूसरी बार प्रथम स्थान पर तथा लक्ष्यदीप अंतिम स्थान पर रहा है।
अधिकांश तटीय राज्य सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य हैं।
शीर्ष 10 में 5 तटीय व 5 लैंडलोक राज्य है।
श्रेणीवार रैंकिंग:—
भारत के निर्यात प्रोत्साहन के समक्ष चुनौतियां:-
- EPI 2021 भारत के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए तीन प्रमुख चुनौतियों को प्रकट करती है।
- निर्यात आधारिक अवसंरचना में अंतर तथा अंतर-क्षेत्रीय अंतर
- राज्यों में कमजोर व्यापार समर्थन तथा विकास अभिविन्यास
- जटिल एवं विशिष्ट निर्यात को बढ़ावा देने के लिए अनुसंधान एवं विकास संबंधी आधारिक संरचना की कमी।
राजस्थन की स्थिति:-
समग्र रैंकिंग में राजस्थान का स्थान 11वां रहा है।
लैंड लोड श्रेणी में 6th स्थान रहा है।
पिछले साल राजस्थान का 4th स्थान था।
चार प्रमुख स्तंभों में स्थान:-
- Policy Pillar—6th
- Business Ecosystem 16th
- Export Ecosystem Pillar—6th
- Export Performance Pillar— 6th

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